सतना के मझगवां वन परिक्षेत्र में बाघ शिकार मामले में वन विभाग ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में करंट लगाकर शिकार करने की बात सामने आई, जबकि दांत, नाखून और मूंछ के बाल भी बरामद हुए।
मध्य प्रदेश के सतना जिले के मझगवां और चित्रकूट वन परिक्षेत्र में 30 से अधिक बाघों की उपस्थिति दर्ज की गई है, लेकिन वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम अब तक नाकाफी रहे हैं। इंटरनेशनल टाइगर डे पर बाघों के संरक्षण की सिर्फ बातें होती हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत डरावनी है — आए दिन बाघ हादसों का शिकार बन रहे हैं। क्या मझगवां को टाइगर रिज़र्व घोषित किया जाना चाहिए?














